हेल्लो नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का आज के इस नये ब्लॉग पोस्ट मे और आज के इस पोस्ट मे हम जानेंगे की overpopulation को कैसे कंट्रोल किया जा सकता हैं ?
अभी इस पृथ्वी पर इंसानों की जितनी आबादी है ऐसी आबादी आज से पहले कभी नहीं थी || 1800 मे 1 billion, 1940 में 2.4 billion, 1970 मे 3.7 और अभी 2021 मे 7.9 billion जनसंख्या हैं पुरे विश्व की मतलब आप समझ रहे हो न की कितनी तेजी से ये नंबर लगातार बढ़ता जा रहा हैं || और आज के इस पोस्ट मे मैं आपको यही बताऊँगा की इस बढ़ते हुए जनसंख्या को कैसे रोका जा सकता है ? तो आइये एक एक करके सारी चीजों को समझने की कोशिश करते है --
1. महिलाओ को शिक्षित बनाना होगा --
तो बात कुछ ऐसी है की कई सारी studies ये बताती है की Overpopulation की समस्या उन एरिया मे ज्यादा है जहा गरीबी हैं और आशिक्षित लोगों की जनसंख्या ज्यादा है खास कर महिलाओ की || इसलिए बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद भारत मे जनसंख्या के मामले मे तीसरे नंबर पर आता है जबकि ये इन दोनो राज्यो से काफी छोटा है और इसके पीछे की वजह ये है की बिहार इस देश का सबसे कम पढ़ा लिखा राज्य हैं और खास यहाँ की महिलाएं || और देश के स्तर पर भी भारत बहुत अच्छी स्थिति मे नहीं हैं | 2011 के National Statistical Commission के एक Report के अनुसार इंडिया की literacy rate 73% हैं ||
अगर महिलाएं Educated होगी तो वो बहुत आसानी से ये समझ पायेगी की कैसे उसको समाज मे जनसंख्या के प्रति योगदान देना हैं, इसलिए ये बहुत ज़रूरी हैं || और निसंदेह केंद्रीय और राज्य सरकारों ने पिछले एक दशक मे इसके बारे मे कई नई योजनाएं launch की है जो वाकई अच्छा काम हैं ||
2. लोगों के अंदर Family planning को लेकर जागरूकता फैलानी होगी --
देश मे किसी भी सिविल लॉ को जमीनी स्तर पर लागू होने मे काफी वक़्त लग जाता हैं || संबिधान मे अस्पृश्यता(untouchability) के ऊपर शुरू से ही कानून बना हुआ है लेकिन क्या ये 1950 मे ही खत्म हो गया था ? नहीं ना
बिल्कुल वैसे ही किसी भी ऐसे मुद्दे पर बदलाव लाने के लिए ये ज़रूरी है की लोगों के अंदर इसको लेकर जागरूकता हो | वो ये अच्छे से समझे की उनकी Family Planning वाकई मे काफी Important हैं || इस जागरूकता को फैलाने के लिए सरकार को खुद आगे आना होगा और अगर ज़रूरत पड़े तो इसके खिलाफ कुछ कानून भी लाने होंगे ||
3. सामाजिक सुरक्षा - ये एक मनोविज्ञानिक Side है जो मैं व्यक्तिगत रूप से सोचता हूँ || तो बात कुछ ऐसी है की कोई भी couple बच्चे सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए पैदा नहीं बल्कि उनको बच्चे इसलिए चाहिए होते है ताकि वो भविष्य मे उनका ख्याल रख सके बिल्कुल वैसे ही जैसे उन्होंने अपने माता- पिता का ख्याल रखा था मतलब कहीं न कहीं लोगों के मन मे इस बात को लेकर सामाजिक असुरक्षा का भाव रहता हैं की आखिर हमारा क्या होगा जब हैं वृद्ध हो जायेंगे || इसलिए बहुत सारे माता पिता रुकने का नाम ही नहीं लेते है || अगर सरकार द्वारा इन्हे सामाजिक सुरक्षा दिया जाए तो क्यों ये लोग येसा करेंगे || हैं न
तो दोस्तो कैसी लगी आपको ये ब्लॉग पोस्ट मुझे ज़रूर बताइयेगा comment करके || शुक्रिया आप सभी का इस पोस्ट को पढ़ने के लिए || 🙏🙏

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