हेल्लो नमस्ते दोस्तों स्वागत है आप सभी का आज के मेरे इस नये ब्लॉग मे और आज के इस ब्लॉग मे हम बात करेंगे कार्यपालिका (Executive), विधायिका (Legislative) और न्यायपालिका के बारे मे || और जब आप इन सबको समझ जाओगे तो आपको इनके बीच का अंतर भी पता चल जायेगा || और इसे समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हमारा पुरा संविधान और पुरा देश इन्ही की वजह चलता हैं || तो आइये जानते है About the Difference Between Executive, Legislative and Judiciary in hindi.
तो हमारे संविधान के निर्माणकर्ताओं ने संविधान बनाते वक़्त इस बात का विशेष ध्यान रखा की किसी भी हाल मे सारा power किसी एक body के पास ही ना चली जाए || ताकि भविष्य मे तानाशाह वाली स्थिती ना बन पाए || इसलिए उन्होंने देश को चलाने के लिए मौजूद Powers को 3 हिस्सों मे बाँट दिया ||
~ विधायिका (Legislative)
~ कार्यपालिका (Executive)
~ न्यायपालिका (Judiciary)
विधायिका (Legislative) क्या हैं?What is Legislative in hindi--
तो उन लोगों को कहा जाता हैं जो भारत मे जनता के हित के लिए पॉलिसी बनाने का काम करते हैं और देश के जनता के हित लिए नई बिल को प्रस्तुत करते हैं ||
Memebers of Legislative in hindi--
जैसा की आपको पता होगा की हमारे भारतीय संसद के 2 house हैं || जिन्हें लोकसभा और राज्यसभा कहा जाता हैं || लोकसभा के पुरे 545 सीटों मे से 543 Seat खुद भारत के जनता द्वारा चुने जाते हैं और 2 seat राष्ट्रपति के द्वारा || और इसके अलावे राज्यसभा के पुरे 245 members जो जिसमे से 12 राष्ट्रपति के द्वारा और बाकी के सदस्य अलग अलग राज्यो के विधानसभा के सदस्य के द्वारा Elect Kiye jaate हैं || इन सभी को हम विधायिका (legislative) का Member या सदस्य कहेंगे ||
Legislative का Member कैसे बने?
तो Member of Legislative बनने के लिए आपको कोई खास Requirement और educational Qualitification की ज़रूरत नहीं हैं || आपने भी अपने आसपास के कुछ नेताओ को देखा ही होगा जिन्हें सही ढंग से बोलना भी नहीं आता हैं || जिन्हें ये भी नहीं पता होता हैं की हमारे संविधान मे कितने आर्टिकल हैं वो भी यहाँ member of parliament बन जाते हैं || कुछ तो किसी राज्य के मुख्यमंत्री भी बन जाते हैं || जी हाँ तो मैं बात कर रहा हूँ बिहार की भूतपूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी हैं ||
विधायिका के कार्य (Work of Legislative in hindi) -
तो जैसा की मैंने आपको बताया विधायिका का काम हैं नये नये बिल पास करना जो देश के हित मे || अलग अलग Area के लोग जिन candidate को चुनते हैं और parliament का Member बनाते हैं उन Member of parliment का काम हैं की वो अपने area के लोगो के समस्या बाकी members के सामने रखे और उनके हित मे कुछ बिल पास करवाने की कोशिश करे अगर वाकई मे इसकी कोई ज़रूरत हैं ||
तो अब अगर आप ये समझ गए हो की विधायिका क्या हैं और कैसे काम करती हैं तो अब आइये जानते हैं कार्यपालिका यानी की executive के बारे मे --
कार्यपालिका (Executive) क्या होता हैं? What is executive in hindi?
तो अब जो Rule और बिल पारित हो चुका हैं तो उसे लागू कौन करेगा? वही members और उनके साथ देश मे मौजूद सिविल सेवक|| हैं न
तो विधायिका को Members को भी Executive का अंग कहा जाता हैं लेकिन क्योंकि उनका कार्यकाल कुछ ही समय ke के लिए हैं इसलिए उन्हे temporary Member of Executive कहा जाता हैं || और बाकी उस कानून को सही ढंग से लोगों के बिच पहुँचाने वाले सिविल सेवक को Permanent executive कहा जाता हैं ||
तो अब आप समझ गए होंगे की देश को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए क्या Rule बनाने है और उन rules को किस तरीके Apply करना है ये काम विधायिका का हैं और उन rules को फॉलो करने का काम कार्यपालिका यानी की Executive का का हैं ||
अब आइये समझते हैं न्यायपालिका के बारे मे -
न्यायपालिका (Judiciary) क्या है? What is judiciary in Hindi?
तो न्यायपालिका यानी की Judiciary संविधान का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि संविधान या सरकार के किसी नियम का उल्लंघन होता है तो उसका खिलाफ निर्णय न्यायपालिका ही लेती है इसके अलावे दो लोगों के बीच, दो सरकार के बीच या और भी कुछ प्रकार के विवादो का अंतिम निर्णय न्यायपालिका के द्वारा ही लिया जाता है जिसके लिए Proper Courts बनाये गए है || जैसे आपने Supreme court or High Court के बारे मे तो सुना ही होगा || तो ये court वो जगह है जहाँ वो सारी सुनवाई की जाती है ||
तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी ये पोस्ट पसंद आयी होगी जिसमे मैंने Legislative, Executive और Judiciary के बारे मे अलग अलग बात किया || अगर इसके अलावे भी आपके मन मे किसी भी पॉइंट को लेकर कोई Doubt हैं तो आप सीधा मुझे इंस्टाग्राम पर massage कर सकते है -( pksinghig) आपको आपके सवाल का जवाब ज़रूर मिलेगा ||

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