हैलो नमस्ते दोस्तों, स्वागत है आप सभी आज के इस पोस्ट मे आज मैं आपको बताऊंगा की कैसे आपको की कैसे आप खुद के अन्दर मौजूद डर को दूर कर सकते है? इस आर्टिकल मे हैं डर के पीछे छुपे पुरे मनोविज्ञान को समझने की कोशिश करेंगे || वैसे हमारे डर के पीछे एक बड़े स्तर पर वैज्ञानिक कारक भी जिम्मेवार होता हैं ||

तो सबसे पहले तो हमे ये समझना होगा की हमारे डर की पीछे की वजह होती है हमारी पुरानी यादें और साथ ही साथ भविष्य की चिंता || जैसे अगर किसी इंसान को रात के अंधेरे मे भूतों से डर लगता है तो क्यों लगता है क्योंकि उसने किसी फिल्म या कहानी मे भूतों के बारे मे ऐसे ही किस्से सुने है और देखे हैं, की ये रात के समय मे अंधेरे मे आता है, इसके आने पर अजीब तरीके की आवाजे आती है, लाइट कटती और चालू होती रहती हैं और भी बहुत सारी चीजें इसलिए जब भी फिल्म के किसी से जुरि हल्की फल्कि भी घटना होती है तो हमारा दिमाग हमे उन पुराने यादों को वर्तमान की स्थिति से जोरने की कोशिश करते है || अगर आपके साथ येसा कभी हुआ होगा तो शायद आप मेरी इन बातों से कनेक्ट कर सकते है || है न
अब दुसरी परिस्थिति वो होती है जिसमें हमारा दिमाग वर्तमान को भविष्य से जोरने की कोशिश करता है और भविष्यवाणी के उस चिंतन मे लगातार डरता रहता है || आप कभी किसी बुजुर्ग से पूछ के देखिये उन्हें मौत का डर लगा रहता हैं || अगर आप किसी लक्ष्य के प्रति चल रहे है तो आप उसके परिणाम को लेकर डरते रहते है ||
और इन दोनो परिस्थिति के पीछे कौन उतरदायी हैं? हमारा दिमाग || है न यही चीजों को आपस मे लिंक करके हमे डराता रहता है || है न
तो अब सवाल ये है की आखिर हम कैसे खुद को इस डर से खुद को बचा सकते है? तो अगर आपने ऊपर की बातों को ध्यान से समझा होगा तो आपको ये समझ आ गया होगा की इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह हैं वक़्त मे आगे या पीछे जाना|| है न तो उपाय क्या होगा ?
खुद को वर्तमान मे रखिये और समझने की कोशिश कीजिये की आपका दिमाग आपके साथ कैसे खेल रहा है || समाधान से तुरंत पहले की चीज है समझ अगर आपने समस्या को समझ लिए तब तो उपाय ढूँढना बहुत आसान है || है न
शुक्रिया आपका इस पोस्ट को पढ़ने के लिए
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